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डीएमएफ फंड के खर्च में अनियमितता का आरोप, विशेष ऑडिट की मांग

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बागेश्वर। जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) फंड की करोड़ों रुपये की धनराशि के उपयोग को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी एवं शिकायतकर्ता बसंत कुमार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फंड में उपलब्ध करीब 26 से 28 करोड़ रुपये की धनराशि के खर्च की जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की है। बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि डीएमएफ फंड के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती गई और प्रभावित क्षेत्रों एवं लोगों के हित में धनराशि का अपेक्षित उपयोग नहीं हुआ।

टीआरसी परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बसंत कुमार ने कहा कि उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को खान अधिकारी और जिलाधिकारी कार्यालय से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत डीएमएफ फंड से संबंधित विभिन्न जानकारियां मांगी थीं। उनका आरोप है कि खान अधिकारी कार्यालय की ओर से उन्हें पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रथम अपील करने के बाद भी अपेक्षित सूचनाएं नहीं मिलने का उन्होंने दावा किया।

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बसंत कुमार ने कहा कि करीब 28 करोड़ रुपये की धनराशि के खर्च से संबंधित प्रस्ताव खान अधिकारी अथवा जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने डीएमएफ फंड से जिलाधिकारी कार्यालय के सौंदर्यीकरण पर करीब 31 लाख रुपये खर्च किए जाने तथा उत्तराखंड हाईकोर्ट को 25 लाख रुपये दिए जाने का भी आरोप लगाया।

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उन्होंने कहा कि डीएमएफ फंड के उपयोग को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश निर्धारित हैं। इसके बावजूद फंड के उपयोग में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

बसंत कुमार ने कहा कि डीएमएफ फंड से किए गए सभी खर्चों और उनसे संबंधित प्रस्तावों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को धनराशि के उपयोग की जानकारी मिल सके और फंड के खर्च में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। उन्होंने मामले की विशेष ऑडिट कराने तथा यदि अनियमितता सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 29 अगस्त से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

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