कांडा। बागेश्वर जिले की कांडा तहसील के सीमांत कमस्यार क्षेत्र का भंडारीगांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। गांव में सड़क नहीं होने का खामियाजा ग्रामीणों को आए दिन भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि किसी के बीमार पड़ने पर ग्रामीणों को मरीज को डोली के सहारे पैदल सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
हाल ही में गांव निवासी भूतपूर्व सैनिक स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह की 75 वर्षीय पत्नी सोना रौतेला की तबीयत खराब होने पर ग्रामीणों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक डोली के सहारे पैदल पहुंचाकर खातीगांव सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें सड़क मार्ग से आगे ले जाया जा सका। इस घटना ने गांव में सड़क सुविधा की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य भंडारीगांव कविता बोरा ने बताया कि भंडारीगांव में छह ग्राम पंचायतों का एकमात्र एएनएम सेंटर भी स्थित है। सड़क सुविधा नहीं होने के कारण आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाओं और मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। आपात स्थिति में यह परेशानी और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव तक सड़क निर्माण की मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रखी जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाई है। सड़क के अभाव में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्राम प्रधान कुंदन बोरा ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधायक और जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव की सड़क की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण को लेकर जल्द कोई पहल नहीं हुई तो ग्रामीण चुनाव बहिष्कार जैसे कदम पर विचार करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भंडारीगांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है, ताकि बीमार और जरूरतमंद लोगों को डोली के सहारे पैदल सड़क तक पहुंचाने की मजबूरी से निजात मिल सके।








