बागेश्वर। जनपद में लगातार बढ़ रही मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बाघ के हमले में घायल हुई महिलाओं और उनके परिजनों का हालचाल जाना तथा लगातार बढ़ रही घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने कहा कि क्षेत्र में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। हाल ही में कपूरी घोड़ागाढ़ निवासी जानकी देवी, पत्नी श्री सुदान सिंह, अपने खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनके साथ मौजूद अन्य महिलाओं ने साहस का परिचय देते हुए शोर मचाया और डंडों के साथ बाघ को वहां से भगाया, जिससे जानकी देवी की जान बच सकी। हमले में घायल जानकी देवी को 19 टांके लगे हैं।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष इसी ग्राम सभा में नेमा देवी पर भी बाघ ने हमला कर उन्हें घायल किया था। वहीं करीब एक माह पूर्व बाझझीरौटी क्षेत्र में कमला देवी भी बाघ के हमले में घायल हो गई थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
दौरे के दौरान ग्रामीणों ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीवों के खतरे और वन विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं और अन्य लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खेतों और जंगलों में जाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
हरीश ऐठानी ने कहा कि सरकार और वन विभाग केवल घटना के बाद मुआवजा देने तक सीमित नहीं रह सकते। लोगों की जान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि संवेदनशील क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित कर वहां बाघों की सक्रिय निगरानी की जाए, कैमरा ट्रैप लगाए जाएं, नियमित गश्त बढ़ाई जाए और ग्रामीणों को समय रहते चेतावनी देने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि आबादी के आसपास लगातार दिखाई दे रहे हिंसक वन्यजीवों के संबंध में वन विभाग को विशेषज्ञों की सलाह लेकर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीणों के साथ मिलकर इस गंभीर मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
ऐठानी ने कहा कि जनता की जान की कीमत केवल मुआवजा नहीं है। सरकार को मुआवजे से आगे बढ़कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।








