बागेश्वर। विश्वविद्यालय में 45 प्रतिशत से कम अंक वाले छात्रों को प्रवेश न दिए जाने के निर्णय के विरोध में NSUI बागेश्वर द्वारा गुरुवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रवेश के लिए निर्धारित अंक प्रतिशत के कारण बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कई विद्यार्थी विभिन्न परिस्थितियों के कारण 45 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं कर पाए हैं, लेकिन वे आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित किया जाना उनके शैक्षणिक भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
NSUI कार्यकर्ताओं ने मांग की कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश के लिए निर्धारित 45 प्रतिशत अंकों की सीमा में राहत दी जाए, ताकि कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को भी उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर मिल सके। संगठन ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर वह लगातार आवाज उठाता रहेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के निदेशक महोदय से भी वार्ता हुई। NSUI कार्यकर्ताओं ने निदेशक के समक्ष छात्रों की समस्याएं रखते हुए प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक राहत देने की मांग की। वार्ता के दौरान MA में 40 प्रतिशत तक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के प्रवेश के विषय को रखा गया, जबकि MSc और MCom में 40 प्रतिशत तक अंक वाले छात्रों के प्रवेश के संबंध में भी विश्वविद्यालय के समक्ष मांग रखी गई।
NSUI ने स्पष्ट किया कि छात्रों के शैक्षणिक हितों और प्रवेश से जुड़ी समस्याओं को लेकर संगठन आगे भी विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में नीरज जोशी, प्रेम दानू, सुशांत, पवन सहित अन्य छात्र एवं NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।








