कपकोट। तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के रसुवा और धादिंग जिलों में बुधवार सुबह करीब नौ बजे भोटेकोशी नदी में आए भयंकर जलप्रलय से भारी तबाही की खबर के बाद उत्तराखंड प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्र में भारत के विभिन्न राज्यों के नागरिकों के मौजूद होने की सूचना को देखते हुए प्रशासन ने अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कपकोट तहसील प्रशासन ने सोशल मीडिया ग्रुपों और अन्य माध्यमों से नेपाल में मौजूद क्षेत्र के नागरिकों का ब्योरा जुटाना शुरू किया। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने बताया कि राज्य सरकार और जिलाधिकारी के निर्देशों के तहत प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद कपकोट क्षेत्र के लोगों की जानकारी एकत्रित की जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनके संबंध में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इसी दौरान कपकोट के पोलिंग गांव निवासी कमलेश कुमार पुत्र पूरन चंद्र के भी नेपाल के आपदा प्रभावित क्षेत्र में होने की जानकारी प्रशासन को मिली। बताया गया कि कमलेश कुछ दिन पूर्व काम के सिलसिले में नेपाल गए थे। जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके परिजनों से तत्काल संपर्क किया।
उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चन्याल ने कमलेश के परिजनों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि कमलेश पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्होंने स्वयं व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से परिवार से संपर्क कर अपने सकुशल होने की जानकारी दी है।
कमलेश के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन की ओर से भी नेपाल में मौजूद अन्य नागरिकों की जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है।
वहीं, स्थानीय विधायक सुरेश गढ़िया ने भी कमलेश के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और प्रशासन के स्तर से आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की बात कही।
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए कपकोट प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र के लोगों में भी भरोसा बढ़ा है। प्रशासन ने नेपाल में मौजूद क्षेत्र के अन्य लोगों की जानकारी भी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सके।








