बागेश्वर। एसएसजे परिसर बागेश्वर में आयोजित खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम में जिले के खिलाड़ियों, छात्र-छात्राओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं, खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए खेलों के महत्व पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने खेलों को युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास, बेहतर स्वास्थ्य तथा देश को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक दक्षता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक मजबूती का विकास होता है। उन्होंने कहा कि देश के बालक और बालिकाएं विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में जिले के खिलाड़ियों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी महेंद्र परिहार ने प्रधानमंत्री के संवाद को खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बातों से युवा खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को पहचान और सम्मान देने के साथ ही भविष्य में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा सकते हैं।
वहीं छात्रा पूजा भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया संवाद को सुनने का अवसर उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों के महत्व को समझते हुए खेल गतिविधियों में अधिक से अधिक भागीदारी करनी चाहिए। खेलों के माध्यम से युवा स्वस्थ और फिट रहने के साथ अपनी अलग पहचान भी बना सकते हैं।
ग्राम प्रधान खाती राजेंद्र दानू ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में खेल युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. नेहा पालनी ने कहा कि प्रधानमंत्री का खिलाड़ियों और युवाओं से सीधा संवाद उनका मनोबल बढ़ाने वाला है। प्रधानमंत्री के विचार खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं के साथ-साथ अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
एसएसजे परिसर के निदेशक डॉ. कमल किशोर जोशी ने खेलो इंडिया संवाद को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग कर चुके खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया।
खेलो इंडिया संवाद के बाद बागेश्वर के छात्र-छात्राओं और खिलाड़ियों में खेलों को लेकर नया उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री के संदेश ने युवाओं को खेलों को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर व्यक्तित्व विकास, बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य निर्माण के अवसर के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।








