बागेश्वर। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों की 32वीं बरसी पर शुक्रवार को बागेश्वर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके संघर्ष को उत्तराखंड राज्य निर्माण की नींव बताया।
वक्ताओं ने कहा कि दो अक्टूबर 1994 की रात अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर रोका गया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान गोलीबारी और लाठीचार्ज में कई आंदोलनकारी शहीद हुए, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। घटना के दौरान महिला आंदोलनकारियों के साथ दुर्व्यवहार और यौन हिंसा के गंभीर आरोप भी सामने आए थे।
रामपुर तिराहा कांड की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। घटना से जुड़े विभिन्न मामलों में तीन दशक से अधिक समय बाद भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है। जून 2026 में सीबीआई अदालत ने फर्जी हथियार बरामदगी से जुड़े मामले में तीन पूर्व पुलिसकर्मियों को डेढ़-डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई थी।







