राजकीय इंटर कॉलेज बनलेख में चार दिवसीय विज्ञान कार्यशाला एवं विज्ञान मेले का शुभारंभ
बागेश्वर : राजकीय इंटर कॉलेज, बनलेख में सोमवार से चार दिवसीय विज्ञान कार्यशाला एवं विज्ञान मेला शुरू हुआ। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) बागेश्वर के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार की भावना, तार्किक सोच और प्रयोगात्मक अधिगम को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ DIET बागेश्वर के प्राचार्य श्री चक्षुष्पति अवस्थी, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुभाष चन्द्र और एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती रेखा भाकुनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
वैज्ञानिक सोच का विकास ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य – चक्षुष्पति अवस्थी
अपने उद्घाटन संबोधन में श्री चक्षुष्पति अवस्थी ने कहा कि विद्यालयों में आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच विकसित करने में अत्यंत सहायक हैं। उन्होंने कहा,
> “विज्ञान हर जगह विद्यमान है — बस हमें उसे देखने की दृष्टि विकसित करनी होती है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को यह अनुभव कराएगी कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे आस-पास के जीवन का अभिन्न हिस्सा है।”
उन्होंने बताया कि DIET बागेश्वर का प्रयास है कि शिक्षा को जीवन से जोड़ते हुए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
निष्प्रयोज्य वस्तुओं से तैयार होंगे वैज्ञानिक मॉडल
विज्ञान समन्वयक डॉ. भुवन चंद्र ने बताया कि यह कार्यशाला चार दिन चलेगी, जिसमें राजकीय इंटर कॉलेज बनलेख, राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय होराली सहित आसपास के विद्यालयों के 80 छात्र एवं विज्ञान शिक्षक भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थी निष्प्रयोज्य एवं बेकार वस्तुओं से अपने पाठ्यक्रम से संबंधित 40 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल तैयार करेंगे। चौथे दिन विद्यालय में विज्ञान मेले का आयोजन होगा, जिसमें छात्र अपने बनाए मॉडलों का प्रदर्शन करेंगे और उनके वैज्ञानिक सिद्धांतों व प्रक्रियाओं की व्याख्या करेंगे।
यह कार्यशाला विशेष रूप से दाब, गुरुत्वाकर्षण, संतुलन, चुंबकत्व, विद्युत मोटर, जनरेटर, आंख की प्रणाली, फेफड़ों की कार्यप्रणाली, प्रकाश का अपवर्तन-परावर्तन, चुंबकीय बल रेखाएं और आंख की समंजन क्षमता जैसे विषयों पर केंद्रित है।
डॉ. चंद्र के अनुसार, “यह पहल विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करेगी।”
विद्यालय में विज्ञान की नई ऊर्जा
प्रधानाचार्य श्री सुभाष चन्द्र ने कहा कि कार्यशाला से विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यवहारिक आयामों को समझने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा,
> “हमारे विद्यार्थी विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को समझते हुए उत्कृष्ट मॉडल तैयार कर रहे हैं। यह उनके आत्मविश्वास और जिज्ञासा दोनों को बढ़ाएगा।”
उन्होंने इस आयोजन के लिए DIET बागेश्वर का आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों ने दिए प्रेरक सत्र
कार्यशाला में बाल विज्ञान खोजशाला, बेरीनाग से आए श्री कमलेश जोशी और श्री हरीश ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में प्रयुक्त वैज्ञानिक सिद्धांतों से अवगत कराया। उन्होंने कहा,
> “विज्ञान केवल प्रयोगों का विषय नहीं, बल्कि सोचने और समझने का तरीका है। विद्यार्थी अपने आसपास घटित घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करें और खोज की भावना बनाए रखें।”
सहयोगी शिक्षक और संस्थान की भूमिका
कार्यशाला में डॉ. उर्मिला बिष्ट कन्याल, पंकज शाह, रीता जोशी, रुचि और उन्नति जोशी सहित DIET बागेश्वर के कई शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि DIET बागेश्वर का यह प्रयास छात्रों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक सोच और नवाचार क्षमता के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।







