बागेश्वर। ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान बागेश्वर में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और उम्मीद का बड़ा केंद्र साबित हुआ। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिससे उनके जीवन को अधिक सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ दर्जा राज्यमंत्री नवीन वर्मा, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे तथा अन्य अतिथियों ने किया।
शिविर के दौरान भारत सरकार के उपक्रम एल्मिको के माध्यम से कुल 434 सहायक उपकरण लाभार्थियों को प्रदान किए गए। इनमें ट्राई साइकिल, बैटरी चालित ट्राई साइकिल, बैसाखी, छड़ी, व्हीलचेयर और चश्मे जैसे उपकरण शामिल रहे। इन उपकरणों के वितरण से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा उनकी स्वतंत्र आवाजाही और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। शिविर में केवल उपकरण वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया गया। इस दौरान 150 दिव्यांगजनों के मानसिक, नेत्र और अस्थि संबंधी दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाए गए। साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का पंजीकरण भी किया गया, जिन्हें भविष्य में विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्जा राज्यमंत्री नवीन वर्मा ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए और इसी उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। वहीं विधायक कपकोट सुरेश गड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण न केवल दिव्यांगजनों की शारीरिक कठिनाइयों को कम करते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगी संस्थाओं और विभागों का आभार व्यक्त किया। वही बागेश्वर विधायक पार्वती दास ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे शिविर न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का भी कार्य करते हैं। वही जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए शासन और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। शिविर में रेडक्रॉस द्वारा संचालित दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से उपकरण वितरण के साथ प्रमाण पत्र और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराकर दिव्यांगजनों को राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। साथ ही शिविर में लाभान्वित हुए दिव्यांगजनों ने कहा कि सहायक उपकरण मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। लाभार्थियों ने बताया कि ट्राई साइकिल, बैसाखी, छड़ी और चश्मे जैसे उपकरण उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। शिविर में जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे सैकड़ों दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। सामाजिक अधिकारिता विभाग, रेडक्रॉस सोसायटी और एल्मिको के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। उस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण,नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल,बबलू नेगी,हरीश सोनी आदि मौजूद रहे।







