बागेश्वर। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने जनपद के कांडा अस्पताल और रीमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए दोनों संस्थानों की उच्चस्तरीय जांच कराने और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
यूकेडी के जिलाध्यक्ष मनोज जोशी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में कांडा क्षेत्र के बन्नेगांव में पेड़ गिरने की घटना में घायल महिलाओं में से तीन गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। दल का आरोप है कि आपदा संभावित क्षेत्र होने के बावजूद कांडा अस्पताल में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त संसाधन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में रीमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। यूकेडी का आरोप है कि 23 जून को किए गए निरीक्षण के दौरान चिकित्सक और एएनएम अनुपस्थित मिले तथा अस्पताल निर्धारित समय पर नहीं खुला। इसके चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। दल ने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में कुत्ते के काटने वाले दो मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन वॉर्डबॉय द्वारा लगाए गए, जो गंभीर लापरवाही का मामला है।
इसके अलावा ज्ञापन में पल्स पोलियो अभियान के लिए पहुंचे आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिए बिना वापस भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। यूकेडी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ऐसी कार्यशैली से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और आम जनता का भरोसा भी कमजोर पड़ रहा है।
दल ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा दोनों स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक चिकित्सकीय संसाधन, स्टाफ और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री मनोज चौहान, संसदीय बोर्ड सदस्य भुवन कांडपाल, केंद्रीय कोषाध्यक्ष युवा सीए वरुण चंदोला, जिला संगठन मंत्री बालम सिंह खेतवाल, युवा जिला महामंत्री पंकज भट्ट, मंडल अध्यक्ष शिवराज सिंह राठौड़, देवेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा और भगवत कुंवर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







