logo

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मेसिस्टों ने खोला मोर्चा 31 अगस्त तक पत्राचार, सितंबर में काला फीता बांधकर करेंगे विरोध

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। एसोसिएशन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन के अनुसार 17 अगस्त से आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। प्रथम चरण में 31 अगस्त तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर मांगों के समर्थन में हस्तक्षेप का आग्रह किया जाएगा।

इसके बाद एक से 15 सितंबर तक फार्मेसिस्ट काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश नेतृत्व की समीक्षा बैठक में आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग बदहाल, जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे ग्रामीण

391 पद दोबारा क्रियाशील करने की मांग

फार्मेसिस्टों की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले फार्मेसिस्टों को प्रथम पदोन्नत पद का वेतनमान दिए जाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही नॉन-फंक्शनल वेतनमान को एमएसीपी की गणना में इग्नोर करने और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 पदों को दोबारा क्रियाशील करने की मांग उठाई गई है।

एसोसिएशन का कहना है कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य उपकेंद्रों के पदों को सक्रिय करने से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  कांडा में एनएसयूआई का दबदबा बरकरार, लक्ष्मी बनीं अध्यक्ष

फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन लागू करने की मांग

संगठन ने प्रदेश में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने और प्रत्येक चिकित्सालय में मरीजों की काउंसिलिंग के लिए अलग कक्ष उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित सूचीबद्ध रोगों के लिए सूचीबद्ध दवाएं उपलब्ध कराने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करने की मांग भी रखी गई है।

फार्मेसिस्टों ने चारधाम यात्रा और अन्य मेला ड्यूटी के लंबित यात्रा देयकों का भुगतान, ड्यूटी के दौरान उचित आवास एवं भोजन की व्यवस्था और प्रोत्साहन भत्ते की दरों की समीक्षा की मांग भी उठाई है।

यह भी पढ़ें 👉  मानदेय बढ़ाने और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख देने की मांग

एसोसिएशन ने कहा कि उनकी मांगें केवल कर्मचारियों के हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से भी संबंधित हैं। संगठन ने शासन-प्रशासन से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

इस अवसर पर केवलानंद धौनी, अनिल मेहरा, सुनील टम्टा, हरीश ऐठानी, प्रेमा साह, रमेश गिरी और आनंद वर्मा आदि मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad
Share on whatsapp