बागेश्वर। जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पंचायत की सामान्य बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 36.22 करोड़ रुपये की अनुमानित आय और 32.30 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय का वार्षिक बजट पारित किया गया। इस दौरान छह समितियों का गठन भी किया गया, जिस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट किया।
बैठक की शुरुआत में सदन के समक्ष प्रस्तावित आय और व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। सदस्यों ने बजट पर चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित किया। इसके बाद अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश नियमावली 1970 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला पंचायत की छह समितियों के गठन की घोषणा की। इस प्रस्ताव का अनुमोदन जिपं सदस्य दीपक खुल्बे ने किया।
जिपं उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, नीमा गढ़िया, ज्योति राठौर, नवीन परिहार, जनार्दन लोहनी, शारदा देवी, कुंदन राम, बसंती देव, भास्कर बोरा और हेमलता ने हाथ उठाकर समिति गठन के पक्ष में सहमति दी।
वहीं विपक्षी सदस्य गोपा धपोला, सरोज आर्या, बलवंत नेगी, सुंदर सिंह, राजेंद्र नेगी और बलवंत राम ने समिति गठन को नियम विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि बैठक शुरू होने से पहले ही समितियों का गठन “घर से तय” करके लाया गया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सभी उप समितियों का गठन सदन में विधिवत चर्चा के बाद किया जाना चाहिए।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो समिति गठन पहले कैसे कर लिया गया। उन्होंने सदन में नारेबाज़ी की और बाद में वॉकआउट कर बैठक का बहिष्कार किया।
इस पर जिपं अध्यक्ष शोभा आर्या ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश नियमावली 1970 के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष को समितियों के गठन का अधिकार है। यह गठन नियमों के अनुरूप किया गया है।
बैठक में कुल नौ प्रस्ताव भी पारित किए गए। अध्यक्ष ने विपक्ष से संवाद के लिए दरवाज़े खुले रखने की बात कही और कहा कि जिला पंचायत विकास के लिए कार्य कर रही है, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद जनहित सर्वोपरि रहेगा। बैठक में जिला पंचायत के सभी सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








