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जल संस्थान के अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, एफआईआर को बताया झूठा

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बागेश्वर। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जल संस्थान के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
परिहार ने बताया कि सैलानी-जखेड़ा क्षेत्र में बीती 6 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण मुख्य पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे लगातार पानी सड़क पर बह रहा था। इसके चलते राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय हडबाड़ के पास स्कूली बच्चों और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी तथा पहाड़ी से पत्थर गिरने का भी खतरा बना हुआ था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों द्वारा बार-बार सूचना देने के बावजूद जल संस्थान के अधिकारियों ने कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 10 जुलाई की रात करीब 11 बजे जब जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अब्दुल रशीद, सहायक अभियंता दीनदयाल और अवर अभियंता दिनेश चंद्र मौके पर पहुंचे तो उन्होंने अपने साथियों के साथ केवल यह सवाल किया कि तीन दिन बाद इतनी रात को मरम्मत कार्य क्यों किया जा रहा है।
गोकुल परिहार का आरोप है कि अधिकारियों ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी।
गौरतलब है कि जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने कोतवाली बागेश्वर में गोकुल परिहार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए परिहार ने कहा कि उन्होंने किसी भी अधिकारी के साथ अभद्रता नहीं की और न ही वह शराब के नशे में थे, जैसा कि एफआईआर में आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि वह केवल जनता की समस्या को उठाने के लिए मौके पर पहुंचे थे और विभाग अपनी नाकामी छिपाने के लिए उन पर आरोप लगा रहा है।
यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस संबंध में कोतवाली बागेश्वर में शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, झूठी एफआईआर निरस्त करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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