बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), बागेश्वर में आयोजित पाँच दिवसीय कार्यशाला “Integrated Learning हेतु Child-Centred Teaching-Learning Material (TLM) निर्माण एवं Art, Craft तथा Toy-Based Pedagogy का प्रयोग” के दूसरे दिन पपेट निर्माण एवं उसके शैक्षिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
दूसरे दिन एमटी श्री डी.एल. वर्मा के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को पपेट निर्माण की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार के आकर्षक पपेट तैयार किए तथा इनके माध्यम से विज्ञान एवं गणित की विषय-वस्तु को जोड़ते हुए प्रस्तुतियां दीं। कहानी, संवाद और प्रदर्शन के माध्यम से विषय-वस्तु को प्रस्तुत करते हुए कठिन अवधारणाओं को बच्चों के लिए सरल, सहज और रोचक बनाने का अभ्यास किया गया।
सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ पपेट निर्माण में प्रतिभाग किया और अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। गतिविधि के माध्यम से यह समझ विकसित की गई कि Art Integrated Learning तथा Toy-Based Pedagogy को कक्षा-कक्ष में अपनाकर बच्चों को देखकर, करके और अनुभव के माध्यम से सीखने के अवसर दिए जा सकते हैं।
कार्यशाला प्राचार्य सुश्री कमलेश्वरी मेहता, प्रभारी प्राचार्य डॉ. के. एस. रावत एवं विभागाध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र जोशी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम समन्वयक रुचि पाठक द्वारा कार्यशाला की विभिन्न गतिविधियों का समन्वय किया जा रहा है। प्रशिक्षण में श्री हरीश दफौती सहित अन्य एमटी एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे रचनात्मक एवं प्रभावी TLM तैयार करने के लिए सक्षम बनाना है, जिनके माध्यम से कला, क्राफ्ट एवं खिलौना-आधारित गतिविधियों को विषय-वस्तु से जोड़कर बच्चों के सीखने को अधिक रोचक, सहज, अनुभवात्मक और बाल-केंद्रित बनाया जा सके।






