पूर्व सैनिकों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और अल्पसंख्यक समुदाय ने बड़ी संख्या में किया प्रतिभाग
गरुड़। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में गरुड़ से बैजनाथ तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में पूर्व सैनिकों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दिया।
मुख्य कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या और ब्लॉक प्रमुख किशन सिंह बोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा गरुड़ से शुरू होकर बैजनाथ तक पहुंची, जहां लोगों ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
यात्रा में पूर्व सैनिकों की विशेष भागीदारी रही। पूर्व सैनिक आनंद सिंह, गोविंद गिरी सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने तिरंगा लेकर यात्रा में प्रतिभाग किया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश की रक्षा में अपना योगदान देने वाले सैनिकों को याद किया गया।
कार्यक्रम में कुंदन सिंह, नारायण दत्त पंत, पान सिंह, सतीश खोलिया, लक्ष्मण सिंह, पुष्कर सिंह, मंगल सिंह राणा, घनश्याम जोशी, रोहित पांडे, सुनील दोसाद, डीके जोशी, दिनेश बिष्ट, जनार्दन लोहनी, दीपक खुल्बे, इंद्र सिंह फर्स्वाण, दयाल कांडपाल, रमेश जोशी, जगदीश आर्य, दीपा आर्य, गोविंद सिंह डसिला, इंद्र सिंह बिष्ट, सुंदर लाल वर्मा, आदर्श कठायत, नीरज सिंह बिष्ट, गोपाल किरमोलिया, अंकित जोशी, हिमांशु खाती, हेम रावत, प्रदीप गुरू, रानी, रीता देवी, दयाल काला, ठाकुर मेहरा, केआर आर्य, कैलाश जोशी, नंदन सिंह, अस्मिता, जीवन दुबे, ललिता प्रसाद, लक्ष्मी दत्त पांडे, गोपाल भंडारी, भावन गढ़िया, अनिल बरोलिया, विजय, राजू बोला, धनराज सिंह, चंदन बोरा, राजू नेगी, विपिन तिवारी, सहजानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा में अल्पसंख्यक समुदाय की भी उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। अहमद असरफ खान, मोहम्मद नाजिम, सोनू खान सहित समुदाय के अनेक लोगों ने यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
महिलाओं की ओर से उमा भट्ट, संजय वर्मा, गीता बिष्ट, अनिता आर्य और सुनीता आर्य सहित अनेक लोगों ने भी यात्रा में सहभागिता की।
आयोजकों ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करने के साथ नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। गरुड़ से बैजनाथ तक निकली यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।








