logo

वनाग्नि से निपटने को ग्रामीणों को दिया प्रशिक्षण

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए वन विभाग और द हंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वॉलिंटियर फायर फाइटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्या ने किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जंगलों में आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, आग पर नियंत्रण पाने के सुरक्षित तरीके, आपदा प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां ग्रामीणों को दी गईं। एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को आग बुझाने के व्यावहारिक तरीके भी बताए।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्या ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम में ग्रामीणों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जंगलों से लगे गांवों के लोग आग लगने की स्थिति में सबसे पहले मौके पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में उन्हें वनाग्नि नियंत्रण के साथ ही अपनी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग ग्रामीणों, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड के सहयोग से वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वन संपदा के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी सामुदायिक सहभागिता जरूरी है।
द हंस फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर पुरुषोत्तम थपलियाल ने संस्था की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वनाग्नि से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक और प्रशिक्षित करना आवश्यक है। स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से जंगल की आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीणों में आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने और सुरक्षित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य करने की क्षमता विकसित करने में सहायक हैं।

Share on whatsapp