रक्षा मंत्री के प्रदेश दौरे पर पूर्व सांसद के सवाल— कहा, सेना को भी राजनीति के लिए किया जा रहा उपयोग
बागेश्वर। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने केंद्र सरकार पर सेना और सैनिकों के मुद्दों पर राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का 06 नवंबर को कुमाऊँ के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में प्रस्तावित दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उत्तराखंड के सैनिक परिवार और युवा सरकार की सैन्य भर्ती नीतियों को लेकर गहरी असंतोष की स्थिति में हैं।
टम्टा ने कहा कि उत्तराखंड एक सैनिक बहुल राज्य है, जहाँ लगभग हर घर का नाता भारतीय सेना से जुड़ा है। इस पृष्ठभूमि में अग्निवीर योजना लागू कर केंद्र सरकार ने न सिर्फ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि सेना की संरचना और मनोबल को भी प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि चार वर्ष की सेवा और सेवानिवृत्ति के बाद असुरक्षित भविष्य युवाओं को हतोत्साहित करता है।
उन्होंने आगे कहा कि कुमाऊँ और गढ़वाल रेजिमेंट जैसी गौरवशाली सैन्य परंपराओं वाले राज्य में पारंपरिक भर्ती प्रणाली को कमज़ोर कर सरकार ने इस क्षेत्र की सैन्य पहचान को चोट पहुँचाई है। “भर्ती व्यवस्था में बदलाव कर भाजपा ने उत्तराखंड के लाखों युवाओं के रोजगार और सम्मान दोनों पर आघात किया है,” टम्टा ने कहा।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। “सेना देश की सुरक्षा का प्रतीक है, उसे राजनीतिक मंच का हिस्सा बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों और सैन्य गरिमा के विरुद्ध है। सरकार पूर्व सैनिकों को राजनीतिक कार्यक्रमों में बुलाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने रक्षा मंत्री के उत्तराखंड दौरे पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश के युवा अग्निवीर योजना से निराश हैं, पूर्व सैनिक नीतियों को लेकर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं और रेजिमेंटल परंपरा को लेकर गंभीर चिंता है, ऐसे में यह दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है, यह स्पष्ट नहीं है।
टम्टा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की जनता सेना की गरिमा, युवाओं के भविष्य और पारंपरिक भर्ती व्यवस्था की सुरक्षा के पक्ष में खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नीतियों में आवश्यक सुधार नहीं करती, तो कांग्रेस इस विषय को सड़क से संसद तक उठाएगी।
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवत सिंह डसीला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, लोकमणि पाठक, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र टंगड़िया, सुनील भंडारी, महेश कांडपाल सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।








