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बागेश्वर में बारिश का कहर, 12 सड़कें बंद, बिजली-पानी संकट गहराया, अस्पताल की दीवार ढही

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बागेश्वर। जिले में लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। रविवार को दिनभर हुई बारिश के कारण 12 मोटर मार्गों पर यातायात बाधित रहा। कई स्थानों पर सड़कें मलबे और बोल्डरों से पट गईं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते और मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई गांवों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। जिला प्रशासन के अनुसार डंगोली-बालीघाट राज्य मार्ग तथा बालीघाट-दोफाड़ राज्य मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। वहीं भानी-हरसिंगाबगड़-बिनायक-गोगिना मुख्य जिला मार्ग भी अवरुद्ध है। कपकोट क्षेत्र में उतरौड़ा-लीली, चीराबगड़-पोथिंग, कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर, बड़ेत संपर्क, भयूं-गढ़ेरा और खड़लेख-भनार सहित कई ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद हैं। धैना-लखनी-लोहारी-सिल्ली-बंद-कनस्यारी मार्ग स्थानीय गधेरे का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं खाती-देवतोली मार्ग पर स्कपर क्षतिग्रस्त होने से केवल हल्के वाहनों की आवाजाही हो रही है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य प्रमुख सड़कें फिलहाल यातायात के लिए खुली हैं। कपकोट क्षेत्र के ग्राम पंचायत भनार में पिछले दो दिनों से भौरानी तोक की बिजली आपूर्ति ठप है। शनिवार देर रात से पूरे भनार ग्रामसभा में बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण जालेख गांव का संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इधर कालों-बदियाकोट में निर्माणाधीन अस्पताल की सुरक्षा दीवार पहली ही बारिश में ढह गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कालों के पाटी तोक में दो वर्ष पहले ध्वस्त हुआ पुल और एक वर्ष पहले क्षतिग्रस्त पेयजल टैंक अब तक नहीं बनाए गए हैं। विभागों को कई बार सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। लगातार बारिश के बीच पोथिंग रोड पर एक विशाल पेड़ मुख्य सड़क पर गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कपकोट और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू उपकरणों की मदद से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया और कुछ ही देर में यातायात बहाल कर दिया। मार्ग खुलने के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को देने की अपील की है।

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