बागेश्वर। कांडा तहसील के ग्राम ढूंगापंत में खड़िया खदान के संचालन से एक 85 वर्षीय पूर्व सैनिक का आवासीय भवन खतरे की जद में आ गया है। खनन के कारण मकान में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने और भवन के ध्वस्त होने की आशंका से नाराज उत्तराखंड पूर्व सैनिक संगठन और ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सैनिक संगठन बागेश्वर के सचिव रमेश भंडारी ने आरोप लगाया कि पूर्व सैनिक प्रेम राम के आवासीय भवन के ठीक समीप नियमों को ताक पर रखकर खनन कार्य किया जा रहा है। खनन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण भवन को नुकसान पहुंच रहा है और बुजुर्ग पूर्व सैनिक का परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है।
पीड़ित पूर्व सैनिक प्रेम राम ने बताया कि उन्होंने खनन कार्य का विरोध करने के साथ ही कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके अनुसार, लगातार हो रही खुदाई से मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। भवन की स्थिति को देखते हुए वह अपना घर छोड़कर दूसरों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से आवासीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और खनन से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मामले को लेकर एक वर्ष से अधिक समय से संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि पीड़ित पूर्व सैनिक को जल्द न्याय नहीं मिला और खड़िया खदान के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से खनन से हुए नुकसान का तत्काल आकलन कराने, प्रभावित आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों के विपरीत संचालित खनन कार्य की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।








