बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बागेश्वर आगमन के दौरान बागेश्वर ठेकेदार वेलफेयर समिति ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों से जुड़ी गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। ठेकेदारों ने कहा कि वे सरकार की घोषणाओं को धरातल पर उतारने का काम करते हैं और भुगतान मिलने तक अपनी निजी पूंजी लगाकर प्रदेश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
ठेकेदारों ने विभिन्न विभागों में कार्य करने के दौरान आ रही व्यावहारिक दिक्कतों की ओर ध्यान दिलाते हुए समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि अनावश्यक नियमों और शर्तों के चलते छोटे ठेकेदार निविदाओं में भाग नहीं ले पा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही ₹10 करोड़ तक के कार्य स्थानीय ठेकेदारों से कराए जाने की घोषणा का लाभ भी स्थानीय ठेकेदारों को नहीं मिल पा रहा है।
समिति ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत 6 जनवरी 2025 से जिले में सभी स्टोन क्रशर बंद हैं। इसके चलते निर्माण कार्यों के लिए पत्थर, रेता और गिट्टी जैसी सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ठेकेदारों का कहना है कि वर्तमान में चल रहे कार्यों की दरें स्थानीय सामग्री के अनुसार तय हैं, जबकि बाहर से सामग्री मंगाने पर लागत कई गुना बढ़ रही है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने विभागीय दरें पुनरीक्षित किए जाने और अग्रिम रॉयल्टी जमा कर निर्माण स्थल के पास सामग्री चुगान की नीति बनाए जाने की मांग की।
आपदा के दौरान किए गए कार्यों के भुगतान को लेकर भी ठेकेदारों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि 3rd पार्टी सत्यापन के नाम पर लंबे समय से भुगतान रोका जा रहा है, जबकि कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इससे श्रमिकों और बाजार की देनदारियों का भार ठेकेदारों पर बढ़ता जा रहा है। समिति ने तकनीकी विभागों से ही सत्यापन कराने की मांग की।
ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को अल्मोड़ा स्थानांतरित किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि कार्यालय बागेश्वर में न होने से समयवृद्धि और अन्य तकनीकी कार्यों में अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने कार्यालय पुनः बागेश्वर में स्थापित करने या माह में एक बार अधीक्षण अभियंता के बागेश्वर में कैम्प करने की मांग रखी।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों के भुगतान को लेकर भी गंभीर स्थिति बताई गई। ठेकेदारों ने कहा कि शासन से धनराशि न मिलने के कारण लगभग दो वर्षों से भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे उनकी आर्थिक हालत खराब हो चुकी है। समिति ने मुख्यमंत्री से सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देश देने की मांग की।








