बागेश्वर कांडा : उपजिलाधिकारी कांडा डॉ. ललित मोहन तिवारी के निर्देशों और स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष ललित पन्त की पहल के बाद पंचायत राज विभाग को अपनी गलती सुधारनी पड़ी। स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के कड़े विरोध के चलते रविवार सुबह विभागीय टीम जिला मुख्यालय से करीब 68 किलोमीटर दूर स्थित बगराटी गांव पहुंची और यहां लगाए गए उस शिलापट को वापस ले लिया, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों के नाम गलत दर्ज कर दिए गए थे।
स्वतंत्रता सेनानी परिवारों ने जताया कड़ा विरोध
गांव में लगाए गए इस शिलापट में स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान देने वाले सेनानियों के नामों में त्रुटियां थीं, जिसके बाद उत्तराधिकारियों ने इसे अपने पूर्वजों का अपमान बताया। विरोध बढ़ने पर मामला प्रशासन के संज्ञान में आया और तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई।
अब ग्रेनाइट पर खुदाई से होंगे नाम, भरे जाएंगे स्वर्णिम अक्षर
पंचायत राज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब गलती सुधारी जाएगी और पुराने तरीके से काले अक्षरों व रंग से लिखने की बजाय ग्रेनाइट पत्थर पर खुदाई कर नाम अंकित किए जाएंगे। बाद में इन नामों को स्वर्णिम अक्षरों से भरा जाएगा, जिससे यह स्थायी और सम्मानजनक रूप में स्थापित हो सके। स्वतंत्रता सेनानी परिवार के उत्तराधिकारी पंकज डसीला और भूतपूर्व सैनिक हरीश डसीला ने कहा कि अब जब विभाग ने गलती मानकर शिलापट हटा लिया है, तो इसकी विधिवत स्थापना अनिवार्य है। हम चाहते हैं कि सही नामों के साथ, सम्मानजनक तरीके से नया शिलापट जल्द स्थापित किया जाए। रविवार को विभागीय टीम द्वारा शिलापट वापस सौंपे जाने के दौरान हरीश डसीला समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों ने प्रशासन और संगठन का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होगी।








