बागेश्वर। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं एससीईआरटी, उत्तराखंड के आदेशों के अनुपालन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बागेश्वर में आवारा कुत्तों से सुरक्षा एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में आवारा कुत्तों से बचाव, सुरक्षित व्यवहार तथा जन-जागरूकता का प्रसार करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आवारा कुत्तों से बचाव, सुरक्षा उपायों तथा जन-जागरूकता पर आधारित पोस्टर, स्लोगन, संवाद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। उपस्थित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के उत्साह, जागरूकता एवं रचनात्मक प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम समन्वयक रुचि पाठक एवं डॉ. हरीशचंद्र जोशी ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचाने के साथ-साथ बच्चों में उत्तरदायित्व एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्राप्त जानकारी को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर डायट प्राचार्य डॉ. राजीव जोशी, डॉ. पूजा लोहमी, डॉ. उर्मिला बिष्ट, डॉ. सी. एम. जोशी, डॉ. बी. सी. पांडे, डॉ. दीपा जोशी एवं डॉ. संदीप जोशी सहित डायट परिवार के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन रुचि पाठक तथा डॉ. हरीशचंद्र जोशी द्वारा किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने आवारा कुत्तों से संबंधित सुरक्षा उपायों को अपनाने तथा समाज में जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।








