राष्ट्रीय लोक अदालत में 130 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण, 65 लाख से अधिक का हुआ समझौता
बागेश्वर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर शनिवार को जिला न्यायालय बागेश्वर एवं बाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बागेश्वर के तत्वावधान में आयोजित इस लोक अदालत में सैकड़ों प्रकरणों का आपसी समझौते से निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 65 लाख 27 हजार 779 रुपये का समझौता हुआ।
बेंच संख्या-01
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अध्यक्षता में 138 एनआई एक्ट, एमएसीटी और वैवाहिक वादों से संबंधित 04 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल ₹12,68,500 का समझौता हुआ।
बेंच संख्या-02
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार तिवारी की बेंच में 138 एनआई एक्ट, फौजदारी के शमनीय वाद, पारिवारिक वाद तथा मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े 79 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इनमें कुल ₹24,12,470 का समझौता किया गया।
बेंच संख्या-03
सिविल जज (जूडि.) पुनीत कुमार की बेंच में मोटर वाहन अधिनियम एवं अन्य वादों से संबंधित 05 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। इसमें कुल ₹2,47,500 का समझौता हुआ। इसके अलावा बैंक से जुड़े 30 प्री-लिटिगेशन मामलों, पारिवारिक प्री-लिटिगेशन का 01 मामला और वन विभाग से जुड़े 08 मामलों का भी निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल ₹24,09,129 का समझौता हुआ।
बेंच संख्या-04 (गरुड़)
सिविल जज (जूडि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट जैनब की गरुड़ स्थित बेंच में 138 एनआई एक्ट से संबंधित 03 प्रकरणों का निस्तारण कर ₹1,57,000 का समझौता हुआ। साथ ही बैंक से जुड़े 02 प्री-लिटिगेशन मामलों में ₹33,180 का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता कुमारी ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से आमजन को न केवल त्वरित न्याय मिलता है, बल्कि समय और धन की भी बचत होती है। उन्होंने लोगों से अधिकाधिक संख्या में लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की।








