बागेश्वर। फुलवाड़ी, फुलाचौरा, खलीधार, खाईधार, सापुली, गुठण और ठांगधार क्षेत्र को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होगा। सड़क संघर्ष समिति ने आंदोलन की आगामी रणनीति घोषित करते हुए क्रमिक अनशन, रैली, चक्का जाम और आमरण अनशन का ऐलान किया है।
समिति के अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू और सचिव करम सिंह दानू ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि समिति ने 13 जुलाई से दस चरणों में आंदोलन शुरू किया था। उनका कहना है कि आंदोलन के आठवें चरण के पांचवें दिन तक भी न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचा और न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल की गई।
समिति के अनुसार 20 अगस्त को सांकेतिक क्रमिक अनशन किया जाएगा। 21 अगस्त को भराड़ी टैक्सी स्टैंड से रैली निकाली जाएगी, जो तिराहे और तहसील रोड होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेगी। इस दौरान तिराहे पर सांकेतिक चक्का जाम और नारेबाजी भी की जाएगी।
समिति ने बताया कि 22 अगस्त से 30 सितंबर तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा। इसके बाद 1 अक्टूबर को तहसील कपकोट में धरना दिया जाएगा तथा विधायक कार्यालय के बाहर सांकेतिक चक्का जाम किया जाएगा। 2 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा, जो सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ होने तक जारी रहेगा।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी कपकोट, क्षेत्राधिकारी कपकोट तथा वन विभाग को भी भेजी गई है। साथ ही वन विभाग से मांग की गई है कि आंदोलन स्थल जंगल से सटा होने के कारण रात्रि के समय सुरक्षा कर्मियों की नियमित गश्त कराई जाए।








