बागेश्वर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कांडा इन दिनों डॉक्टरों की भारी कमी और चिकित्सकों के तबादलों के चलते गंभीर स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है। चिकित्सा अधीक्षक और दंत चिकित्सक समेत कई डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद अस्पताल में वर्तमान में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
अस्पताल की ओपीडी फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों से बुलाए गए डॉक्टरों की अस्थायी व्यवस्था के भरोसे संचालित हो रही है। वहीं, स्थानीय डॉक्टरों की चारधाम यात्रा ड्यूटी में तैनाती से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
करीब नौ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से डेंटल चेयर और आधुनिक दंत उपकरण लगाए गए थे, लेकिन दंत चिकित्सक के स्थानांतरण के कारण यह सुविधा शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। महंगी मशीनें उपयोग के अभाव में धूल फांक रही हैं, जबकि मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पलायन की मार झेल रहे कांडा-कमस्यार क्षेत्र में अधिकांश घरों में महिलाएं और बुजुर्ग ही रह गए हैं। ऐसे में अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से महिला मरीजों को उपचार के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय दिवंगत डॉ. शम्मी उन्नैशा के कार्यकाल में पिथौरागढ़ तक से महिलाएं यहां प्रसव के लिए आती थीं, लेकिन आज प्रसूति सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं।
अस्पताल में पिछले एक महीने से अल्ट्रासाउंड सेवा भी बंद पड़ी है। इससे लाखों रुपये की पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी बेकार पड़ी हुई है और मरीजों को जांच के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांडा में ₹5 करोड़ की लागत से टैक्सी स्टैंड बनाया जा रहा है, जबकि अस्पताल डॉक्टरों के अभाव में बदहाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि चिकित्सकों के स्थानांतरण शासन के अनिवार्य आदेशों के तहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांडा अस्पताल के लिए चिकित्सा अधीक्षक और महिला डॉक्टर की स्थायी व्यवस्था कर दी गई है, जो शीघ्र कार्यभार ग्रहण करेंगी। साथ ही अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल करने और दंत चिकित्सक की नियुक्ति के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
वहीं, जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने कहा कि कांडा सहित जिले के अन्य अस्पतालों में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पद भरने के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक नियुक्तियां कराने के प्रयास जारी हैं।








