अल्मोड़ा जनपद में शुक्रवार को तब सनसनी फैल गई, जब राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा के कैंपस में झाड़ियों के भीतर बड़ी संख्या में संदिग्ध वस्तुएँ पाई गईं। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सुभाष सिंह की नज़र झाड़ियों में पड़े बेलनाकार पैकेटों पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम, जिसमें एएसआई दीवान सिंह बिष्ट और एएसआई लोमेश कुमार शामिल थे, मौके पर पहुँची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया। इसके बाद उधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों से बम निरोधक दस्ते (BDS) व डॉग स्क्वॉड भी बुलाए गए।
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झाड़ियों से बरामद 161 पैकेट, लगभग 60 किलो विस्फोटक सामग्री
तलाशी अभियान के दौरान डॉग स्क्वॉड की सहायता से दो अलग-अलग स्थानों से कुल 161 पैकेट बरामद किए गए। बम निरोधक दल की प्राथमिक जांच में ये पैकेट जिलेटिन स्टिक (जिलेटिन रॉड) पाए गए, जिनका उपयोग खनन और निर्माण कार्यों में विस्फोटक सामग्री के रूप में होता है।
सूत्रों के अनुसार बरामद विस्फोटक का कुल वजन लगभग 60 किलोग्राम आंका गया है। यह आशंका जताई जा रही है कि इन्हें किसी निर्माण कार्य स्थल से हटाकर नष्ट करने के बजाय यहां फेंका गया हो सकता है।
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साक्ष्य सुरक्षित, विस्फोटक सुरक्षित स्थान पर सील किए गए
पूरे अभियान की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई। बरामद सामग्री को बम निरोधक टीम ने एक स्थान पर एकत्र कर सुरक्षा मानकों के तहत सील किया। टीम ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की विस्फोटक सामग्री को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जाना आवश्यक है।
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पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच तेज
घटना के संबंध में पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(क) और 288 बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक कैसे पहुँचा?
किसने इसे वहां छिपाया और इसका उद्देश्य क्या था—इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
एसएसपी अल्मोड़ा ने कहा कि मामले की तफ्तीश तेज कर दी गई है और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।








