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पुंगर घाटी में विकास की अनसुनी पुकार,शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व पेयजल संकट पर ग्रामीणों ने उठाई आवाज़

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बागेश्वर। आज़ादी के समय महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से लेकर कई स्वतंत्रता संग्रामों में योगदान देने वाले और आज भी अपने अस्सी प्रतिशत युवाओं को सेना में भेजने वाले पुंगर घाटी क्षेत्र की बुनियादी जरूरतें आज भी अधूरी हैं। प्रचुर खनिज संपदा होने और राज्य व केंद्र को बड़ा राजस्व देने के बावजूद यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से आज तक दूर है।

क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला बालीघाट–धरमधर मोटर मार्ग चिड़ंग, चौरा, दोफाड़, बनलेख, रीमा सहित कई स्थानों पर अत्यंत जर्जर और जानलेवा स्थिति में है। ग्रामीणों का आरोप है कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य लगातार टलता रहा है।

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शिक्षा व्यवस्था चरमराई, प्रधानाचार्य व प्रवक्ता के पद वर्षों से खाली

तूपेड़, चौरा, दोफाड़, बनलेख, सनेती सहित कई इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं।
क्षेत्र के इकलौते कन्या इंटर कॉलेज दोफाड़ में व्यावसायिक पाठ्यक्रम न होने से अभिभावक मजबूरन बच्चों को शहरों में भेज रहे हैं।

स्वास्थ्य केंद्र बिना डॉक्टर, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे बड़ी मार

चौरा, दोफाड़, बनलेख, उद्यमस्थल और स्याकोट स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे मरीजों को जिला मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है।

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दस साल से लटकी बैंक की घोषणा

बालीघाट से दोफाड़–नौहार क्षेत्र में राष्‍ट्रीकृत बैंक की स्थापना की घोषणा दस वर्ष बाद भी अधूरी है।
इससे विधवा पेंशन, पूर्व सैनिक व दिव्यांगजन हर माह जिला मुख्यालय जाने को विवश हैं।

भूकंप संवेदनशील जोन–5 में होने के बावजूद NDRF व फायर स्टेशन तक नहीं

खनिज बहुल और भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील होने के बावजूद क्षेत्र में एनडीआरएफ टीम, फायर स्टेशन या आपदा बचाव इकाई की स्थापना अब तक नहीं हो पाई है।

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पेयजल-सिंचाई के संकट से महिलाएं सदियों से गुलागी सी जिंदगी जीने को मजबूर

महिलाओं को आज भी पेयजल, सिंचाई, खाद-बीज की समस्या, जंगली जानवरों के आतंक और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पुंगर घाटी का त्वरित स्थलीय निरीक्षण करने और सभी विभागों को कठोर कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। इस दौरान सुरेश सिंह, आनंद सिंह, मनमोहन सिंह, भगवत सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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