बागेश्वर। फुलवाड़ी-फुलाचौंरा-थलीधार-खाईंधार-ठांगधार सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष बुधवार को 70वें दिन भी जारी रहा। धरने पर मोहनी देवी और रेवती धामी बैठीं। संघर्ष समिति ने कहा कि 70 दिन से ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सड़क कब धरातल पर उतरेगी, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
समिति का आरोप है कि सड़क की स्वीकृति के संबंध में कपकोट विधायक से कई बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इससे समिति में नाराजगी है। समिति ने कहा कि ग्रामीणों को सड़क की सैद्धांतिक और वित्तीय स्वीकृति के साथ टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है।
इसी बीच संघर्ष समिति के सापुली निवासी नरेंद्र दानू का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन के कारण बुधवार की बैठक स्थगित कर दी गई। वहीं, एक अक्टूबर को प्रस्तावित हुंकार रैली भी स्थगित कर दी गई है। समिति के अनुसार रैली के लिए अब अलग तिथि निर्धारित की जाएगी।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का अतिशीघ्र निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। धरना स्थल पर संघर्ष समिति अध्यक्ष पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, संरक्षक चरण सिंह बघरी, सचिव करम सिंह दानू, उपाध्यक्ष शेर सिंह दानू, गजेंद्र सिंह धामी, भूपाल सिंह बघरी, प्रताप सिंह बघरी, दलीप सिंह दानू, मोहनी देवी, पुष्पा देवी, मधुली देवी और रमा देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कोरंगा और जिला पंचायत सदस्य विजया कोरंगा ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समर्थन दिया। उन्होंने सड़क की सैद्धांतिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने, टेंडर प्रक्रिया पूरी करने तथा धरातल पर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की।







