कपकोट। कपकोट तहसील क्षेत्र अंतर्गत चीरा बगड़-कर्मी मोटर मार्ग पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सिंचाई विभाग के कार्यों और जर्जर सड़क से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं समेत दर्जनों ग्रामीणों ने मार्ग के बीचों-बीच बैठकर घंटों चक्काजाम किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान बड़े-बड़े बोल्डरों को दूसरी ओर धकेला जा रहा है, जिससे आपदा या भारी बारिश के दौरान गांव के आवासीय भवनों और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो पूरा गांव खतरे की जद में आ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग की बदहाली पर भी गहरा आक्रोश जताया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क लंबे समय से खस्ताहाल बनी हुई है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हर समय दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
गांव की सरपंच संगीता गढ़िया ने निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बाढ़ सुरक्षा दीवार के लिए सड़क से निर्माण सामग्री बिना ग्राम सभा की अनुमति और बिना रॉयल्टी जमा किए उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां आम लोगों से नियमानुसार रॉयल्टी वसूली जाती है, वहीं सरकारी कार्यों में नियमों की अनदेखी चिंता का विषय है।
चक्काजाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार नितिशा आर्या, राजस्व उपनिरीक्षक संजय कुमार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा ग्रामीणों से वार्ता की। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।
इसके बाद तहसीलदार नितिशा आर्या ने स्वयं मौके पर पहुंचकर बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया।
प्रदर्शन में महेश कपकोटी, प्रहलाद सिंह कपकोटी, सरपंच संगीता गढ़िया, मीना कपकोटी, पुष्पा कपकोटी, नीमा देवी, ललिता, रेखा, गोविंद सिंह, भोपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।








