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प्रसव के बाद महिला की मौत मामले में यूकेडी ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग

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बैजनाथ सीएचसी में प्रसव के बाद बिगड़ी थी महिला की तबीयत, जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

गरुड़। बैजनाथ स्थित मोहन सिंह मेहता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नौ अगस्त की रात प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में उत्तराखंड क्रांति दल ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यूकेडी के गरुड़ ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश कोरंगा ने उपजिलाधिकारी गरुड़ के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर मामले की पूरी जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया है कि महिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यूकेडी ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रसव से लेकर रेफर किए जाने और जिला अस्पताल पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

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संगठन ने मांग की है कि महिला को अस्पताल में किस समय भर्ती किया गया और उस समय उसकी चिकित्सकीय स्थिति क्या थी, इसकी जानकारी जुटाई जाए। उपचार के दौरान किन चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने किस समय क्या उपचार दिया, कौन-कौन सी जांच कराई गई और जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या उपचार किया गया, इसकी भी पड़ताल की जाए।

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ज्ञापन में अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, ऑक्सीजन, रक्त और अन्य आपातकालीन सुविधाओं की स्थिति की भी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही महिला की हालत गंभीर होने के बाद उसे उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए किस समय रेफर किया गया और रेफर करने में किसी प्रकार की देरी हुई या नहीं, इसकी जांच की मांग की गई।

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यूकेडी ने एंबुलेंस उपलब्ध होने में लगे समय तथा बैजनाथ से जिला अस्पताल तक पहुंचने में लगे समय का भी रिकॉर्ड जुटाने की मांग की है। इसके अलावा घटना के समय अस्पताल में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी पर मौजूदगी तथा उनकी जिम्मेदारियों की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।

यूकेडी ने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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