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सिलाई प्रशिक्षण का पूरा भुगतान नहीं मिलने पर ट्रेनरों का धरना महिलाओं के समर्थन में कांग्रेस भी धरने पर बैठी

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बागेश्वर। श्रम विभाग के माध्यम से एनजीओ के जरिए आयोजित सिलाई प्रशिक्षण का पूरा भुगतान नहीं मिलने से महिला ट्रेनरों में नाराजगी है। बुधवार को महिला ट्रेनर श्रम विभाग कार्यालय पहुंचीं और बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। महिलाओं के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी धरना देते हुए उनका पूरा भुगतान दिलाने की मांग उठाई।

ट्रेनर गंगा पंत, नीरू, प्रेमा देवी, नीमा देवी, काजल, पिंकी बिष्ट, बसंत जोशी, राधा देवी, प्रेमा परिहार, सरिता कांडपाल और कविता ने बताया कि उन्हें एनजीओ के माध्यम से 50 दिन के सिलाई प्रशिक्षण के लिए रखा गया था। प्रशिक्षण के दौरान आने-जाने, भोजन, कमरे और मशीनों के खर्च के साथ 30 हजार रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी।

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महिलाओं का आरोप है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कुछ दिन पूर्व उन्हें केवल 10 हजार रुपये का भुगतान किया गया। उनका कहना है कि कई ट्रेनरों ने प्रशिक्षण के लिए कमरे किराये पर लिए थे, जिनका खर्च ही 10 हजार रुपये से अधिक हो चुका है। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने शेष भुगतान जल्द जारी करने की मांग की।

मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी श्रम विभाग पहुंचे और महिला ट्रेनरों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि महिलाओं से पूरा काम लेने के बाद उनका निर्धारित भुगतान नहीं किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ट्रेनरों को उनका बकाया भुगतान दिलाया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता बालकृष्ण ने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है। उनको बेवकूफ बनाया जा रहा है। हर दिन उनसे काम लिया जा रहा है पर उनको उनका मेहताना नहीं दिया जा रहा है। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व राज्य दर्जा मंत्री राजेंद्र टंगड़िया, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोकुल सिंह परिहार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी महिलाओं की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को उनके श्रम का पूरा भुगतान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।

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इस दौरान कमलेश गढ़िया, , जिला पंचायत सदस्य बलवंत राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोनिका चिलवाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। संबंधित लोगों को बुलाकर जानकारी ली जा रही है। प्रकरण की जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी और प्रशिक्षण से जुड़े पात्र लोगों का भुगतान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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