UPI पर MDR शुल्क के विरोध में उतरा व्यापार मंडल, वित्त मंत्री को भेजा ज्ञापन
बागेश्वर। 2000 रुपये से अधिक के डिजिटल UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क के विरोध में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने मोर्चा खोल दिया है। व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों का कहना है कि 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.04 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव व्यापारियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार में पहले से ही लाभ का मार्जिन सीमित है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
व्यापारियों ने कहा कि सरकार लगातार डिजिटल भुगतान और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में UPI लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने से डिजिटल भुगतान को लेकर व्यापारियों और ग्राहकों में असमंजस पैदा हो सकता है और नकद लेनदेन को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
व्यापार मंडल ने त्योहारी सीजन को देखते हुए भी प्रस्तावित शुल्क पर पुनर्विचार की मांग की। पदाधिकारियों के अनुसार अक्टूबर में दीपावली समेत अन्य त्योहारों के चलते बाजार में खरीदारी बढ़ती है। ऐसे समय में नया शुल्क लागू होने से व्यापारियों के सामने अतिरिक्त परेशानी खड़ी हो सकती है।
ज्ञापन में व्यापार मंडल ने जनहित और व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित MDR शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल के अध्यक्ष सूरज जोशी, उपाध्यक्ष गिरीश बिष्ट, महिला उपाध्यक्ष माया गड़िया, सचिव देवेंद्र अधिकारी और कोषाध्यक्ष आलोक साह शामिल रहे।







