बागेश्वर कपकोट,
विपरीत मौसम, भारी बर्फबारी और तूफानी हवाओं जैसी कठिन चुनौतियों के बावजूद कोलकाता के एक ट्रेकिंग दल ने 17,200 फीट ऊंची ट्रेल्स पास पीक सफलतापूर्वक फतह कर साहस और धैर्य का परिचय दिया। नौ सदस्यीय ट्रेकिंग दल ने आठ जून को अभियान पूरा किया, जबकि दल बुधवार देर शाम सुरक्षित रूप से मुनस्यारी लौट आया।
अभियान का संचालन देवभूमि एडवेंचर के संस्थापक एवं गाइड दिनेश सिंह दानू के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि कोलकाता से आए नौ सदस्यीय दल ने 30 मई को ट्रेल्स पास अभियान की शुरुआत की थी। खराब मौसम के कारण अभियान के दौरान कई बार टीम को रुकना पड़ा और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
बताया कि 31 मई को दल को द्वाली से पिंडारी बेस कैंप पहुंचना था, लेकिन भारी बारिश के चलते टीम को द्वाली में ही रुकना पड़ा। अगले दिन टीम पिंडारी बेस कैंप के लिए रवाना हुई, लेकिन मौसम लगातार खराब बना रहा। एडवांस बेस कैंप क्षेत्र में करीब दो फीट तक बर्फ जमी हुई थी, जिससे आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण हो गया।
अभियान के दौरान सपोर्ट टीम को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फिसलन भरी बर्फ और खराब मौसम के चलते टीम कई बार तय स्थान तक नहीं पहुंच सकी। चार जून को लगभग 200 मीटर रस्सी (रोप) फिक्स कर टीम एडवांस बेस कैंप तक पहुंची, लेकिन वहां पहुंचते ही तेज बर्फबारी शुरू हो गई और करीब 10 इंच नई बर्फ जम गई।
दिनेश दानू ने बताया कि पांच जून को टीम ने आगे का रास्ता खोलने का प्रयास किया, लेकिन कमर तक धंसने वाली बर्फ और तेज बर्फीले तूफान ने अभियान को और कठिन बना दिया। ट्रेल्स पास की सबसे चुनौतीपूर्ण 200 मीटर की रॉक वॉल पार करने के दौरान तेज हवाओं में एक रस्सी का बंडल लगभग 400 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इसके बावजूद टीम ने साहस नहीं खोया और आइस एक्स की मदद से आगे बढ़ते हुए कठिन परिस्थितियों में कैंप स्थापित किया। लगातार संघर्ष और चुनौतीपूर्ण हालात के बाद आठ जून को टीम ने ट्रेल्स पास पीक फतह कर अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
ये रहे ट्रेकर:
मोहनी मोहन पाल, स्पंदन मलिक, सुदीप सरकार, अरनब पाल, अरिंदम पात्र, सुचरिता धारा, दिशा घोष, नवीन गड़िया और रवि देव।
सपोर्ट स्टाफ व गाइड टीम:
गाइड दिनेश सिंह दानू, इंद्र सिंह, तारा सिंह, कवीन्द्र सिंह, मनोज सिंह, गजेंद्र सिंह, खिलाप सिंह, पंकज सिंह और दान सिंह ने अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।








