कपकोट : सावन के पहले सोमवार के दिन कपकोट पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत एक हृदय विरादक घटना घट गई। सरयू नदी से पानी भरते समय एक मासूम नदी में बह गया। पास खड़े एक व्यक्ति ने उसे बचाने के लिए नदी में कूद भी लगाई, लेकिन सरयू की तेज लहर में उसे सफलता नहीं मिली। मासूम अपनी मां के साथ मंदिर में आया था। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना के बाद पुलिस, रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया ने प्रशासन को अभियान तेज करने के निर्देश दिए। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने का काम किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लाहुर गांव निवासी कमला देवी अपने दो बच्चों के साथ शिवालय वार्ड कपकोट में किराये के मकान में रहती है। वह अपने बेटे की बेहतर शिक्षा के लिए यहां रहती है। सोमवार की सुबह अपने आस-पड़ोस की महिलाओं के सााथ वह शिव मंदिर में जल चढ़ाने के लिए आई। साथ में उसका आठ साल का बेटा राकेश भी पहुंच गया। दोनों ही सरयू नदी से जल लेकर शिवालय में चढ़ा रहे थे। नदी से पानी भरते समय राकेश नदी में गिर गया और सरयू की तेज धारा में बह गया। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार बच्चा नदी में पानी भरने की कोशिश कर रहा था कि पांव फिसलने से नदी के तेज बहाव में बह गया। मौके पर मौजूद रोशन गड़िया ने बताया कि उन्होंने बच्चे को बचाने के लिए नदी में कूद मारी, 50 मीटर आगे तक भी गए, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। मंदिर में जल चढ़ाने वाले भी हक्के बक्के होकर खड़े हो गए। सूचना पर एसडीआरएफ, दमकल विभाग व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। बच्चे की खोजबीन शुरू कर दी, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। मां बेहाश हो गई है। उसे ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्रीय विधायक गड़िया ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस को रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को नदी के किनारे सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों से बारिश के दिनों में नदी किनारे नहीं जाने की अपील भी की। मासूम के पिता नारायण सिंह महानगर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके दो बच्चे हैं। बढ़ी बेटी है, जबकि राकेश छोटा है। बेटी अपने दादा-दादी के साथ गांव में रहती है। थानाध्यक्ष प्रताप नगरकोटी ने बताया कि रेस्क्यू अभियान जारी है।








