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छात्रसंघ ने परिसर खेल मैदान से डंपर एवं अन्य सीज़ वाहनों को तत्काल हटाने की मांग की

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छात्र संघ बागेश्वर परिसर ने जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन
कोर्ट आदेश की आड़ में खेल मैदान में सीज़ वाहनों के दुरुपयोग का आरोप

बागेश्वर। छात्र संघ बागेश्वर परिसर द्वारा निदेशक के माध्यम से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भेजते हुए बीड़ी पांडे परिसर, बागेश्वर में स्थित खेल मैदान में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से रखे गए डंपर एवं अन्य सीज़ वाहनों को तत्काल हटाने की मांग की गई है। छात्र संघ का आरोप है कि जिला प्रशासन एवं आरटीओ द्वारा न्यायालय के आदेश का हवाला देकर छात्रों के शैक्षणिक परिसर के मैदान का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है।

कोर्ट आदेश के नाम पर स्थायी कब्जे का आरोप

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा सीज़ किए गए डंपर एवं अन्य भारी वाहन छात्रों के परिसर से किसी भी प्रकार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें परिसर के मैदान में खड़ा किया गया है। छात्र संघ का कहना है कि यदि यह व्यवस्था अस्थायी थी, तो एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वाहनों को हटाया जाना चाहिए था। वाहनों का लंबे समय तक परिसर में खड़ा रहना यह दर्शाता है कि यह अब अस्थायी व्यवस्था न होकर स्थायी कब्जे का रूप ले चुकी है, जो पूर्णतः अनुचित एवं गैर-कानूनी है।

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कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन

छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि कानूनन सीज़ किए गए वाहनों को संबंधित विभाग के अधिकृत परिसर, थाना या वाहन यार्ड में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, न कि किसी शैक्षणिक संस्थान के खेल मैदान में। ज्ञापन में उदाहरण देते हुए बताया गया कि कपकोट क्षेत्र में सीज़ की गई अन्य गाड़ियाँ थाना कपकोट परिसर में रखी जा रही हैं। ऐसे में बागेश्वर परिसर के मैदान का उपयोग किया जाना प्रशासन की भेदभावपूर्ण, मनमानी एवं तर्कहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

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छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा पर असर

छात्र संघ ने कहा कि शैक्षणिक परिसर प्रशासनिक सुविधा या दबाव का विकल्प नहीं हो सकता। छात्रों का खेल मैदान उनके शारीरिक विकास, खेलकूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए निर्धारित है, जो पिछले एक वर्ष से पूरी तरह बाधित हैं। भारी वाहनों की निरंतर मौजूदगी से छात्रों की सुरक्षा, मानसिक वातावरण, अनुशासन एवं परिसर की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

संस्थागत स्वायत्तता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि माननीय न्यायालय के आदेश का उद्देश्य केवल वाहनों की Safe Custody सुनिश्चित करना है, न कि शैक्षणिक परिसरों के अधिकारों का हनन कर लंबे समय तक कब्जा बनाए रखना। बिना किसी लिखित अनुमति एवं संस्थान की सहमति के इतने लंबे समय तक परिसर का उपयोग करना संस्थागत स्वायत्तता एवं छात्रों के मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

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छात्र संघ की प्रमुख मांगें

छात्र संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि छात्रों के परिसर के खेल मैदान से सभी डंपर एवं अन्य सीज़ वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि भविष्य में सीज़ वाहनों को केवल अपने अधिकृत परिसर, थाना अथवा वाहन यार्ड में ही रखा जाए। एक वर्ष से अधिक समय तक हुए इस दुरुपयोग की जिम्मेदारी तय की जाए। भविष्य में किसी भी शैक्षणिक परिसर अथवा खेल मैदान का इस प्रकार उपयोग न किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी
छात्र संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्रों के हितों की रक्षा हेतु उन्हें उच्च प्रशासनिक एवं वैधानिक मंचों पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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