पिथौरागढ़ : शादी का घर चमक-दमक से भरा था। ढोल-दमाऊ की थाप पर थिरकने को तैयार बारात बस छलिया दल के पहुंचने का इंतजार कर रही थी। क्योंकि पहाड़ात में बिना छलिया के ‘बारात’ में वो रंग कहां! लेकिन पिथौरागढ़ में जो हुआ, उसने खुशियों के बीच ऐसा ब्रेक लगाया कि दूल्हे को घोड़ी छोड़ थाने का चक्कर लगाना पड़ा।
बारात तैयार… पर छलिया दल गायब!
पिथौरागढ़ नगर के रई इलाके में तीन महीने पहले ही किनीगाड़ के एक चर्चित छलिया दल को 11 हजार रुपये एडवांस देकर बुक किया गया था। रविवार को बारात सजी, दूल्हा तैयार… पर छलिया दल का कहीं नामोनिशान नहीं!
बाराती कभी ढोल की आहट ढूंढते, तो कभी एक-दूसरे को हैरानी में देखते रह गए।
फोन मिलाया तो ‘स्विच ऑफ’ की धुन!
जब इंतजार हद से गुजर गया, तो दूल्हे के पिता ने दल के लीडर को फोन मिलाया। पहली बार घंटी बजी, पर कॉल नहीं उठा। दूसरी बार फोन ‘स्विच ऑफ’। बस फिर क्या—बारातियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
थाने में लगा असली ‘धमाल’
मामला संभालने के लिए परिवार को मजबूरन दूसरा, और ज्यादा महंगा छलिया दल बुलाना पड़ा। देर से ही सही, बारात निकल तो गई, लेकिन शादी के माहौल में खलल पड़ चुका था।
गुस्साए दूल्हे के परिवार ने सीधे कोतवाली का रुख किया और छलिया दल के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है कि आखिर दल ने आखिरी वक्त पर ऐसा ‘छल’ क्यों किया।
शहर में चर्चा—“पहली बार शादी में थाने वाला ट्विस्ट!”
इस अनोखी घटना ने शहरभर में गपशप का मसाला दे दिया है। लोग मजाक में कह रहे हैं “बैंड-बाजा-बारात तो सुना था, लेकिन थाने में धमाल पहली बार देखा!”








