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टकनार–भैसुड़ी के जंगल में भालू की दहशत,विद्यालय जाने वाले बच्चों पर मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों में भय

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बागेश्वर कांडा। टकनार और भैसुड़ी गांवों के बीच स्थित जंगल में भालू के लगातार घूमने और दिनभर आवाजें सुनाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार जंगल में भालू की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं, जिससे महिलाएं और बच्चे भयभीत हैं।

दोनों गांवों के बीच राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित है, जहां छोटे-छोटे बच्चे पैदल आवाजाही करते हैं। इसके अलावा भैसुड़ी से लगभग 6 से 7 किमी दूर देवतोली स्थित राजकीय इंटर कॉलेज जाने के लिए छात्राओं और छात्रों को पूरे जंगल के रास्ते पैदल जाना पड़ता है। ऐसे में भालू की मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरने लगे हैं। ग्राम प्रधान गणेश राठौर ने इस गंभीर समस्या को लेकर वन विभाग को सूचित करते हुए तत्काल संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

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इस संबंध में धरमघर रेंज के रेंजर दीप जोशी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए वन विभाग की दो टीमें कमस्यार क्षेत्र के चंतोला, सिमायल, औलानी सहित भैसुड़ी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि चंतोला क्षेत्र में ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि भालू की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। रेंजर ने कहा कि विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाए, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को भयमुक्त वातावरण मिल सके।

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