बागेश्वर में बैठक स्थगित कर दोबारा आयोजित करने की मांग, योजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा नहीं होने का लगाया आरोप
बागेश्वर। विकासखंड सभागार में बजट एवं कार्ययोजना को लेकर आयोजित बैठक में प्रक्रियागत कमियों के आरोप लगाते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने नाराजगी जताई। ज्येष्ठ उप प्रमुख मनीष कुमार टम्टा समेत सदस्यों ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण बैठक से पहले क्षेत्र पंचायत की विधिवत बैठक नहीं बुलाई गई और न ही सदस्यों से विकास योजनाओं के प्रस्ताव लेकर उन पर चर्चा की गई। सदस्यों ने बैठक स्थगित कर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे दोबारा आयोजित करने की मांग की।
क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कहना था कि बैठक में विकास योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के बजाय केवल नाम और पद के सामने हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे। इससे निर्वाचित सदस्यों के अधिकारों और उनके क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों की अनदेखी होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बजट और कार्ययोजना निर्धारित करने से पहले सभी सदस्यों से प्रस्ताव लेकर उन पर चर्चा करना और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
80 से 90 घोषणाओं और सोलर लाइट योजना पर उठाए सवाल
सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख की ओर से करीब 80 से 90 घोषणाएं किए जाने और लगभग 50 लाख रुपये की सोलर लाइट योजना का प्रस्ताव रखे जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन घोषणाओं और प्रस्तावों को किस शासनादेश एवं नियम के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। सदस्यों ने बजट एवं योजनाओं के निर्धारण में पारदर्शिता बरतने और निर्धारित नियमों का पालन करने की मांग की।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि बैठक में करीब 20 लाख रुपये की घोषणाओं को लेकर बजट पर चर्चा हुई, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्यों की योजनाओं के लिए उपलब्ध बजट कम कर अन्य कार्यों में धनराशि खर्च किए जाने की स्थिति सामने आ रही है। उन्होंने बजट आवंटन की स्थिति स्पष्ट करने और सभी क्षेत्रों की विकास संबंधी जरूरतों को समान महत्व देने की मांग उठाई।
सूचना और प्रक्रिया पर भी जताई आपत्ति
क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कहा कि सामान्य बैठकों और अन्य कार्यक्रमों की सूचना ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से नियमित रूप से दी जाती रही है, लेकिन बजट एवं कार्ययोजना जैसी महत्वपूर्ण बैठक में सूचना और प्रक्रिया के स्तर पर कमियां नजर आईं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं से जुड़े निर्णय लेते समय सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी क्षेत्र की आवश्यकताओं की अनदेखी न हो।
बैठक में करीब 13 क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद थे। सदस्यों ने बजट, कार्ययोजना और विकास प्रस्तावों के निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा बैठक को नियमानुसार दोबारा आयोजित करने की मांग की।
नाराजगी जताने वालों में रवि रावत, भगवान भंडारी, निर्मल साह, कुशल धनिक, भारती रावत, सुनील जोशी, काजल आर्या, बहादुर सिंह, मनीष कुमार प्रसाद, रमेश राम, दीपा देवी और मनीष कुमार टम्टा समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।
सदस्यों की मांग है कि बजट एवं कार्ययोजना को अंतिम रूप देने से पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी की जाए और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाए।







