logo

काफलीगैर में महाविद्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन, 15 अगस्त तक शासनादेश जारी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

खबर शेयर करें -

बागेश्वर। काफलीगैर में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना का शासनादेश जारी न होने से क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रधानों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बैठक कर प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक महाविद्यालय का शासनादेश जारी नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  सेवानिवृत्ति से 28 दिन पहले थम गई जिंदगी, डीएससी जवान महेंद्र सिंह का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि काफलीगैर में लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक शासनादेश जारी नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं की उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बागेश्वर और अल्मोड़ा जाना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। दूरी के कारण कई परिवार अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र महाविद्यालय की स्थापना का शासनादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के निकट ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके।

यह भी पढ़ें 👉  उफनती नदी में फंसे मजदूर के लिए देवदूत बने ग्राम प्रधान,जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू

बैठक और प्रदर्शन में महेंद्र प्रसाद, ठाकुर सिंह रौतेला, बहादुर सिंह कार्की, सुंदर सिंह, जीवन सिंह रौतेला, राजेंद्र सिंह, बृजेंद्र सिंह, अनिता, लक्ष्मी देवी, प्रेम सिंह लटवाल, सुदर्शन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  परीक्षाफल में सुधार की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन, परीक्षा नियंत्रक का फूंका पुतला
Ad
Share on whatsapp