संघर्ष समिति ने उठाया सड़क का मुद्दा, विधायक बोले- केंद्र से मंजूरी मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया
बागेश्वर। चंतोला-पोस्ताला-कपतोला-बेरिनाग मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर कमस्यारघाटी के ग्रामीणों ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष डीआर टम्टा के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने गंगोलीहाट विधायक फकीर राम टम्टा से मुलाकात कर सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत कराया और जल्द डामरीकरण कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब होने के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के सुधारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीण पूर्व में मानव श्रृंखला बनाकर भी विरोध जता चुके हैं।
विधायक फकीर राम टम्टा ने ग्रामीणों को बताया कि सड़क की डीपीआर तैयार होकर भारत सरकार के पोर्टल पर भेजी जा चुकी है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने नवंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क का काम शुरू कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। विधायक ने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
वहीं जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश सह संयोजक, भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ लक्ष्मण सिंह कार्की ने कहा कि कमस्यारघाटी वीर सैनिकों की धरती है और क्षेत्र को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थायी डामरीकरण होने तक मार्ग पर जेसीबी की व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बारिश या अन्य कारणों से सड़क बाधित होने पर ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े।
प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति अध्यक्ष डीआर टम्टा, ग्राम प्रधान कुंदन बोरा, भूपाल राम, पूरन बोरा, हरीश डसीला, हयात डसीला, अजय उप्रेती, भगवान मेहरा, भगवान राम और मनोज कुमार समेत क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों की नजर केंद्र सरकार की स्वीकृति और नवंबर में प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया पर टिकी है।







