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उत्तरायणी मेले में सजे राजनीतिक पंडाल, नेताओं के बीच चले आरोप–प्रत्यारोप

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बागेश्वर : ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के अवसर पर इस बार सांस्कृतिक रंग के साथ-साथ राजनीतिक सरगर्मी भी देखने को मिली। मेले में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल और बागेश्वर संघर्ष वाहिनी द्वारा अलग–अलग राजनीतिक पंडाल लगाए गए, जहां नेताओं ने जनसभाओं के माध्यम से एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। मेले के दौरान राजनीतिक पंडालों में जुटी भीड़ से यह साफ दिखा कि धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन के साथ साथ राजनीति भी मेले का अहम हिस्सा बन गई है। नेताओं के भाषणों में जहां विकास, इतिहास और संस्कृति की बात हुई, वहीं सरकार और विपक्ष के बीच तीखे आरोप भी सुनाई दिए।

भाजपा पंडाल में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि उत्तरायणी मेला केवल बागेश्वर ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रमुख पर्व है। उन्होंने कहा कि कुली बेगार आंदोलन इसी धरती से शुरू हुआ, जिसने अंग्रेजी शासन की जड़ों को हिला दिया था। अजय टम्टा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक जनता को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पिछड़े, किसान और आम जनता कांग्रेस की नीतियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है और भाजपा जिले व प्रदेश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां की भूमि में क्रांतिकारियों का खून है। यही से कुली बेगार प्रथा को खत्म करने का कार्य किया गया। भाजपा भी इस परम्परा का अहम हिस्सा रही है। आज के दिन का विशेष महत्व है। आज प्रदेश को लगातार विकास की राह पर ले जाने के लिए सीएम धामी कार्य कर रहे है हर तरफ विकास की बहार हो रही है।

कांग्रेस पंडाल में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बागेश्वर की धरती श्रम सुधारों और आज़ादी की लड़ाई की प्रतीक रही है। कुली बेगार आंदोलन ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड और काशीपुर किसान आत्महत्या मामले में सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है, न तो किसी सिटिंग जज की निगरानी है और न ही निष्पक्षता दिख रही है।

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बागेश्वर देश का ऐतिहासिक स्थल है और यहां आना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड में वीआईपी को बचाने के लिए सबूत मिटाए गए। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना कांग्रेस की पहली प्राथमिकता है और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि यूकेडी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि बाबा बागनाथ की इस भूमि पर यूकेडी अपनी संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए संघर्षरत है। उन्होंने सभी राष्ट्रीय दलों पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि यूकेडी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर रही है। अंकिता भंडारी मामले में न्याय मिलने तक यूकेडी का आंदोलन जारी रहेगा।

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वही सीपीएमल के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि केलीबेगार आंदोलन ने देश के आंदोलन को नई दिशा दी थी। जिस परम्परा को आज भी जीवंत रखा गया है। यह आंदोलन हमें सरकारों के अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है। आज सरकार के द्वारा संसाधनों को लूटने का कार्य किया है अंकिता भंडारी मामले में पिछले तीन सालों से जिस तरह से छुपाने का कार्य की जा रहा है। वह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति क्या कार्य किया जा रहा है। देखी जा सकती है। आज हर तरफ लुट ही लूट देखी जा सकती है।

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