बागेश्वर। वन विभाग के तत्वावधान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बागेश्वर ब्लॉक के 75 से अधिक ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही के कारण लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान वन विभाग से संघर्ष की घटनाओं को कम करने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश आर्या ने जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। ग्रामीण किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद जनप्रतिनिधियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव, वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना देने तथा विभागीय स्तर पर उपलब्ध सहायता और व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष दीपक खेतवाल ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह अब तक आयोजित बैठकों में उन्हें सबसे बेहतर कार्यशाला लगी। उन्होंने कहा कि अन्य बैठकों में भी ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कई बार अपेक्षित समाधान नहीं मिल पाता। इस कार्यशाला में अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान की दिशा में जानकारी दी, जिससे लोगों में कुछ उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष पहाड़ी क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में इस तरह की कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपायों के साथ ही विभागीय व्यवस्थाओं और सहायता के बारे में जानकारी मिल सके। कार्यशाला के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने भी विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को आपदा एवं आपात परिस्थितियों से निपटने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, सावधानी और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में जानकारी साझा की।
कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के लिए विभाग के साथ मिलकर काम करने की बात कही। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों के बीच जागरूकता बढ़ाने और वन्यजीवों के संबंध में किसी भी सूचना को समय पर विभाग तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यशाला में बागेश्वर ब्लॉक के 75 से अधिक ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों समेत वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और एनडीआरएफ की टीम मौजूद रही।








