बागेश्वर। मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार पुष्कर सिंह धामी के आदेशों के क्रम में तथा आयुक्त एवं अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में दिनांक 09 दिसंबर 2025 को “नशा मुक्त उत्तराखंड” एवं स्प्यूरियस एवं अधोमानक दवाइयों की रोकथाम अभियान के तहत बागेश्वर क्षेत्र में सघन कार्रवाई की गई।
अभियान के अंतर्गत औषधि निरीक्षक बागेश्वर पूजा रानी द्वारा विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी मेडिकल स्टोरों में लाइसेंस की उपलब्धता, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में औषधियों के क्रय-विक्रय की स्थिति की जांच की गई। साथ ही सभी मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरे एवं उनकी रिकॉर्डिंग भी चेक की गई।
निरीक्षण में एक्सपायरी दवाओं के पृथक एवं सुरक्षित रखरखाव, मनःप्रभावी औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित बिलों की जांच तथा नारकोटिक औषधियों को केवल चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही देने की स्थिति सुनिश्चित की गई।
इस दौरान 03 मेडिकल स्टोरों में अनियमितताएं पाई गईं। फर्मों द्वारा लाइसेंस की शर्तों का पूर्ण अनुपालन न किए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों से 07 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने की स्थिति में औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के अंतर्गत संबंधित फर्मों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की जाएगी।
इसके अतिरिक्त 05 औषधियों के नमूने लेकर उन्हें राज्य विश्लेषण शाला में जांच हेतु भेजा गया है।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बताया कि NSQ (Not of Standard Quality) एवं स्प्यूरियस दवाओं पर रोक लगाना औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी दवाइयाँ न केवल मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि चिकित्सा व्यवस्था और दवाओं के प्रति आमजन के विश्वास को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।








