बागेश्वर। फुलवाड़ी, फुलाचौंरा, थलीधार और खाईंधार गांवों के ग्रामीणों तथा प्रवासियों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर फुलवाड़ी पंचायत घर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्र की महिला शक्ति, युवा शक्ति और वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी कर आंदोलन को समर्थन दिया और सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “जनता को झूठे आश्वासन मत दो, हमें तुरंत रोड दो” और “संघर्ष हमारी मजबूरी है, सड़क सुविधा जरूरी है” जैसे नारों के साथ सरकार और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से क्षेत्रवासी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग उठाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सड़क के अभाव में ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक गांवों को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस जन आंदोलन को गांव की बहन-बेटियों, रिश्तेदारों और प्रवासियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। सभी लोगों ने भविष्य में होने वाले धरना-प्रदर्शनों में तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।
इस दौरान महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क न होने का सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ता है। प्रसव, बीमारी और आपात स्थिति में लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते उनकी समस्याओं को समझा होता तो आज उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगामी चुनावों में “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा और अधिक मुखर होगा तथा आंदोलन को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
धरने में पूर्व कैप्टन रतन सिंह दानू, चरण सिंह बघरी, करम सिंह दानू, शेर सिंह दानू, गजेंद्र सिंह धामी, चंचल सिंह, दलीप सिंह दानू, रूप सिंह धामी, प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, बालिका देवी, मालती देवी, मीना धामी, पार्वती धामी, तारा धामी, रेवती देवी, मोहनी देवी, डिगरी देवी, लीला देवी, हंसा देवी, ममता, राधा धामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।








