बागेश्वर। जिला खनन न्यास में कथित भ्रष्टाचार और नियमविरुद्ध कार्यों के खिलाफ बसंत कुमार के नेतृत्व में पिछले 13 दिनों से चल रहा धरना शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया। आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर शासन-प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित किया गया।
बसंत कुमार ने कहा कि 13 दिनों के जनसंघर्ष के बाद शासन-प्रशासन ने माना है कि सूचना के अधिकार के तहत दिए गए जवाब में गलती हुई थी। इसके अलावा जिलाधिकारी बागेश्वर की ओर से सचिव, औद्योगिक अनुभाग-1 को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि धरना स्थगित होने के बावजूद जिला खनन न्यास में कथित अनियमितताओं का मुद्दा समाप्त नहीं हुआ है। खनन न्यास नियमावली-2017 के प्रावधानों का उल्लंघन कर करीब 30 करोड़ रुपये की धनराशि के कथित अनियमित आवंटन के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
आंदोलनकारियों ने गैर-सरकारी विद्यालयों को धन आवंटित किए जाने और अस्पताल को ऐसी एंबुलेंस दिए जाने पर भी सवाल उठाए, जिसमें चालक, डीजल और रखरखाव के लिए आवश्यक प्रावधान नहीं होने की बात कही गई है। उन्होंने जिला खनन न्यास की पूरी प्रक्रिया, धन आवंटन और खर्च की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बसंत कुमार ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के धन की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। उन्होंने कहा कि जनता के धन का हिसाब देना होगा और कथित भ्रष्टाचार व नियमविरुद्ध कार्यों की जांच सुनिश्चित करनी होगी।






