बागेश्वर। आगामी रक्षाबंधन पर्व को पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के संवर्धन से जोड़ने के उद्देश्य से आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौरा में बीज युक्त राखी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, बागेश्वर के निर्देशन में हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को बीज युक्त राखियां वितरित की गईं। इन राखियों में औषधीय गुणों वाले पौधों के बीज समाहित किए गए हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि रक्षाबंधन के बाद राखी को मिट्टी में रोपित करने पर उसमें मौजूद बीजों से औषधीय पौधे विकसित हो सकते हैं।
आयुर्वेद विभाग की इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के पर्व के साथ पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विद्यार्थियों को “त्योहार भी, पर्यावरण संरक्षण भी” का संदेश देते हुए प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने भी इस अभिनव पहल को लेकर उत्साह जताया।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजल पटेल ने बताया कि इस तरह की पहल से बच्चों में औषधीय पौधों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित होगी। उन्होंने कहा कि त्योहारों को प्रकृति संरक्षण से जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में फार्मेसी अधिकारी नीलम खत्री, सेविका दीपा देवी, योग अनुदेशक बाल कृष्ण और प्रीति फर्स्वाण समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से रक्षाबंधन को पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के संवर्धन से जोड़ने का संदेश दिया गया।








