बागेश्वर। कपकोट के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र लाहुर-मिखलाखलपटा और नीड़ नगेला को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लाहुर-मिखलाखलपटा मार्ग पिछले एक महीने से अधिक समय से बंद है। वहीं गुरुवार रात हुई बारिश और भूस्खलन के कारण नीड़ नगेला को जोड़ने वाली सड़क भी ध्वस्त हो गई। दोनों मार्गों पर यातायात ठप होने से क्षेत्र का सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है।
सड़क संपर्क बाधित होने का सबसे अधिक असर मरीजों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों को डोली और कंधों के सहारे मीलों पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बंद होने से रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीण दयाल सिंह पांडा ने सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग की अनदेखी के चलते करीब 12 किलोमीटर लंबा मार्ग लंबे समय से बंद पड़ा है। सड़क सुविधा न होने से ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उठानी पड़ रही है।
लगातार बढ़ती समस्या और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद शनिवार को संबंधित विभाग ब्रिडकुल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क की स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से जल्द से जल्द मलबा हटाकर सड़क यातायात बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क संपर्क बहाल नहीं हुआ तो बरसात के दौरान उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्र होने के कारण सड़क उनके लिए जीवनरेखा है।








