लंबित मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने शुरू किया जनजागरण अभियान
बागेश्वर। लंबित मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने से नाराज उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को आंदोलन के पहले चरण में जिले के विभिन्न विभागों के मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारियों ने काला फीती बांधकर कार्य किया। इसके साथ ही गेट मीटिंग आयोजित कर मांगों के समर्थन में जनजागरण अभियान चलाया गया। अभियान 19 सितंबर तक जारी रहेगा।
लोनिवि कार्यालय में आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार मांगों का समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार उलझा रही है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
फेडरेशन ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति भी घोषित की। इसके तहत 21 से 24 सितंबर तक कैबिनेट मंत्रियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 25 सितंबर को सभी जिला और तहसील मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
इसके बाद पांच अक्टूबर को देहरादून में परेड ग्राउंड से सचिवालय तक प्रदेश स्तरीय रैली निकाली जाएगी और सचिवालय का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पांच अक्टूबर तक उनकी मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किया गया तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में अनिल जोशी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।








