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बागेश्वर में आयुर्वेद का बढ़ा भरोसा, 4,791 रोगियों ने लिया पंचकर्म थेरेपी का लाभ

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बागेश्वर। प्रदेश में आयुष एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर अब जनपद बागेश्वर में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयुष सेवाओं के विस्तार के साथ जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग द्वारा पंचकर्म, योग और क्षार सूत्र जैसी सुविधाओं को स्थानीय स्तर पर अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। इससे लोगों को उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सेवाएं भी मिल रही हैं।

उच्चीकृत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मजियाखेत में वर्ष 2025-26 के दौरान 1,090 पंचकर्म थेरेपी की गईं। वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 490 पंचकर्म थेरेपी मरीजों को दी जा चुकी हैं। इसी तरह आयुष विंग, जिला चिकित्सालय बागेश्वर में वर्ष 2025-26 में 2,659 तथा वर्ष 2026-27 में अब तक 552 पंचकर्म थेरेपी प्रदान की गई हैं।

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कई पंचकर्म प्रक्रियाओं का मिल रहा लाभ

मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार अभ्यंग, स्वेदन, शिरोधारा, नस्य, कटि बस्ति, जानु बस्ति, ग्रीवा बस्ति और पिंड स्वेदन जैसी विभिन्न पंचकर्म प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों की बढ़ती संख्या आयुर्वेदिक चिकित्सा के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि और स्वीकार्यता को दर्शाती है।

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उपचार के साथ निवारक स्वास्थ्य पर जोर

आयुष सेवाओं को केवल रोगों के उपचार तक सीमित न रखते हुए निवारक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली को भी प्राथमिकता दी जा रही है। जनपद के विभिन्न आयुर्वेदिक केंद्रों तथा जिला स्तर पर नियमित योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से लोगों को योग और स्वस्थ दिनचर्या को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

क्षार सूत्र से मिल रही शल्य चिकित्सा सुविधा

जनपद में क्षार सूत्र विधि के माध्यम से पाइल्स, फिशर और भगंदर जैसे गुदागत रोगों के उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे ऐसे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आयुष आधारित उपचार एवं आवश्यक शल्य चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं और उपचार के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।

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आयुर्वेदिक चिकित्सा, पंचकर्म, योग और क्षार सूत्र जैसी सेवाओं का विस्तार बागेश्वर में उपचार के साथ स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य की अवधारणा को मजबूत कर रहा है। स्थानीय स्तर पर बढ़ती आयुष सुविधाएं आमजन को सुलभ, समग्र और पारंपरिक चिकित्सा आधारित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।

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