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मंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

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बागेश्वर,

*आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें: मंत्री मदन कौशिक*

प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा तथा पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जनपद में मानसून के दौरान आपदा से हुए नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी ली।

मान0 मंत्री ने जनपद में आपदा प्रबंधन को लेकर की गई तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी विभागों को आपदा की परिस्थितियों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करने तथा हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। मुख्यमंत्री लगातार आपदा की स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण से जुड़े विभागों को निर्देश दिए कि सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि आवागमन सुचारू रखने के साथ ही आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने एसडीआरएफ कार्यों तथा मलबा सफाई से संबंधित कार्यों के एस्टिमेट तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही काफली-कमेडा सड़क के सुधारीकरण के लिए संबंधित विभाग को एस्टिमेट तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने आपदा से क्षतिग्रस्त पंचायत भवनों, विद्यालयों एवं अस्पतालों सहित अन्य परिसंपत्तियों का विवरण तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकतानुसार इनके पुनर्निर्माण एवं मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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बैठक में प्रभारी आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने जनपद में आपदा प्रबंधन एवं मानसून की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) की तर्ज पर एक जिला स्तरीय तथा तहसील स्तर पर चार टीमें गठित की गई हैं। मानसून अवधि में संवेदनशील स्थानों पर त्वरित कार्रवाई के लिए 63 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 15 जून से अब तक प्राकृतिक आपदा की घटनाओं में 06 लोग घायल हुए हैं। 05 भवनों को पूर्ण/तीक्ष्ण क्षति तथा 68 भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है। प्रभावितों को राहत के तहत 12 लाख 68 हजार रुपये की धनराशि जबकि 17,500 रुपये की अहेतुक सहायता राशि भी वितरित की गई है। अब तक जनपद में 133 विभागीय परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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अपर जिलाधिकारी एन एस नबियाल ने बताया कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है।

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बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह विष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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